मठाधीश होने के मायने!
"राम राज्य में प्रजा सर्वोपरि थी. प्रजा का कार्य राजा की सर्वोच्च प्राथमिकता थी. राजा राम राज भवन में आकर हर रोज लक्ष्मण को आज्ञा देते कि देखो लक्ष्मण द्वार पर कोई कार्यार्थी तो नहीं आया है. लेकिन राम राज्य में व्यवस्था कुछ ऐसी थी कि लोगों को काम लेकर राजा के पास आने की जरूरत नहीं पड़ती थी. हर रोज लक्ष्मण बाहर जाकर देखते और लौटकर यही जवाब देते कि द्वार पर कोई भी नहीं है. एक बार लक्ष्मण जब बाहर देखने गए तो उनको एक कुत्ता दिखा, जिसके माथे से रक्त बह रहा था और वो लक्ष्मण की ओर ही देख रहा था. लक्ष्मण ने उससे पूछा कि उसको क्या काम है, तो कुत्ते ने कहा कि वह अपनी बात राजा राम से ही कहना चाहता है. लक्ष्मण ने ये बात राज सभा में जाकर बताई तो राजा राम ने तुरंत उस कुत्ते को अन्दर बुलवाया. राजा राम ने उससे पूछा कि उसकी ये हालत किसने की है तो उसने बताया कि- नगर में सर्वार्थसिद्ध नमक एक विद्वान भिक्षु है तो ब्राह्मणों के घर में रहता है उसने अकारण ही मुझ पर प्रहार किया है. मैंने ...